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May 16, 2012
| Author: Markand Dave
| Source: M.K.TVFilms
GAZALNUMA GEET-QUAFAN-कफ़न ।
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May 16, 2012
| Author: स्वतंत्र विचार
| Source: . . . . . .. शेर-सायरी
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May 15, 2012
| Author: Rajeeva Khandelwal
| Source: आंदोलन
राजीव खण्डेलवाल
माननीय उच्चतम न्यायालय ने हाल में ही दिये गये निर्णय में केंद्रीय सरकार द्वारा हज यात्रा व्यय के सम्बंध में दी जा रही सबसिडी को गलत ठहराया है। माननीय न्यायालय ने अगले दस वर्षो में इस सबसिडी को क्रमबद्ध रूप से समाप्त करने के निर्देश भी दिये है। उक्त निर्णय के पूर्व में शाहबानों प ...
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May 15, 2012
| Author: Nishant
| Source: मुझे मेरी किडनी वापस दो!
बहुत पुरानी बात है. जापान में लोग बांस की खपच्चियों और कागज़ से बनी लालटेन इस्तेमाल करते थे जिसके भीतर जलता हुआ दिया रखा जाता था. एक शाम एक अँधा व्यक्ति अपने एक मित्र से मिलने उसके घर गया. रात … Continue reading →
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May 13, 2012
| Author: चैतन्य शर्मा
| Source: चैतन्य का कोना
आज मदर्स डे है | आप तो जानते ही हैं कि माँ तो सबसे प्यारी होती है | हमें प्यार भी सबसे ज्यादा करती है | मैंने भी अपनी प्यारी माँ के लिए कार्ड बनाया है और एक छोटा सा गिफ्ट भी अपने हाथों से पैक किया है | हम सब ने स्कूल में यह गिफ्ट्स तैयार किये हैं |
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May 13, 2012
| Author: डॉ॰ मोनिका शर्मा
| Source: परवाज़.....शब्दों के पंख
सच माँ
सरल नहीं है तुझसा हो जाना
समेटना स्वयं को एक नियत
परिधि में यूँ और
दहलीज़ के भीतरी संसार में खो जाना
सात्विक सोच लिए कर्म की क्यारी में
नित नए संस्कार बोते हुए
सींचना परम्पराओं को
बनकर धुरी निभाना संबंधों को
सरल-सहज भाव से
अनगिनत वचनों में बंधकर
रिश्तों का सेतु बनक ...
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May 12, 2012
| Author: Rajeeva Khandelwal
| Source: स्वतंत्र विचार
राजीव खण्डेलवाल
माननीय उच्चतम न्यायालय ने हाल में ही दिये गये निर्णय में केंद्रीय सरकार द्वारा हज यात्रा व्यय के सम्बंध में दी जा रही सबसिडी को गलत ठहराया है। माननीय न्यायालय ने अगले दस वर्षो में इस सबसिडी को क्रमबद्ध रूप से समाप्त करने के निर्देश भी दिये है। उक्त निर्णय के पूर्व में शाहबानों प ...
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May 10, 2012
| Author: Minakshi Pant
| Source: दुनिया रंग रंगीली
हर बार कौडियों के भाव बिक जाता है
उसका अनाज ...
दिन - रात के खूबसूरत सपने पल भर में
धाराशाही हो जाते हैं ...
उसके कपडे से उठती वो मिटटी की गंध
कही जाकर खो जाती है ...
वो जीवित होकर भी एक जिन्दा लाश
बन जाते हैं ...
अपनी मेहनत का सही दाम न मिलाना
उनके मंसूबें में पानी फेर देते हैं
वो अ ...
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May 9, 2012
| Author: Nishant
| Source: मुझे मेरी किडनी वापस दो!
कई दशकों तक सभी यह मानते रहे कि कोई भी व्यक्ति 4 मिनट में 1 मील नहीं दौड़ सकता. लोगों ने कहा, “ऐसा हो ही नहीं सकता”! वैज्ञानिक और चिकित्सकों ने मानव शरीर की सीमाओं और क्षमताओं का आकलन करके … Continue reading →
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May 6, 2012
| Author: Minakshi Pant
| Source: दुनिया रंग रंगीली
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May 2, 2012
| Author: Minakshi Pant
| Source: दुनिया रंग रंगीली
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May 1, 2012
| Author: चैतन्य शर्मा
| Source: चैतन्य का कोना
मेरे स्कूल से मिली सेफ्टी कलरिंग बुक में अच्छे सेफ्टी टिप्स हैं | ये सारी बातें बड़े काम की हैं | कलर करते समय ममा ने मुझे ये बातें समझाई हैं | अपने सभी नन्हें फ्रेंड्स के लिए यहाँ भी शेयर कर रहा हूँ | ये सारी बातें मानकर हम सचेत और सुरक्षित रह सकते हैं |
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May 1, 2012
| Author: Nishant
| Source: मुझे मेरी किडनी वापस दो!
पो चीन के तांग राजवंश में उच्चाधिकारी और कवि था. एक दिन उसने एक पेड़ की शाखा पर बैठे बौद्ध महात्मा को ध्यान करते देखा. उनके मध्य यह वार्तालाप हुआ: पो: “महात्मा, आप इस पेड़ की शाखा पर बैठकर ध्यान … Continue reading →
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Apr 30, 2012
| Author: डॉ॰ मोनिका शर्मा
| Source: परवाज़.....शब्दों के पंख
वो घर की रीढ है। सबके दुख-सुख की भागीदार । उसका जीवन भले ही एक परीधि में सिमटा हो, वो पूरा संसार संभालती है। वो ही है जो माँ, पत्नी या बहू, बेटी हर रूप में वो घर-परिवार के सदस्यों के जीवन की रफ्तार को कायम रखने वाली ऊर्जा बनती है ।
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Apr 29, 2012
| Author: Nishant
| Source: मुझे मेरी किडनी वापस दो!
बहुत समय पहले चीन के तांग प्रांत में एक वृद्ध साधु वू-ताई पर्वत की तीर्थयात्रा पर जा रहा था. वू-ताई पर्वत पर ज्ञान के बोधिसत्व मंजुश्री का निवास माना जाता है. वृद्ध और अशक्त होने के कारण वह धूल भरे … Continue reading →
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Apr 28, 2012
| Author: Rajeeva Khandelwal
| Source: आंदोलन
सम्पूर्ण विश्व विभिन्न समस्याओ से जूझ रहा है व भारत उन राष्ट्रो से भिन्न नहीं है। लेकिन देश वर्तमान मे जिन विभिन्न-विशिष्ट समस्याओ का सामना कर रहा है वे विभिन्न समस्याएं ही त्वरित विकास में आड़े आ रही है। इसके मुख्य कारण जो परिलक्षित हो रहे है वे मुख्य रूप से नैतिक मूल्यों का अवमूल्यन, ईमानदारी ...
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Apr 28, 2012
| Author: Rajeeva Khandelwal
| Source: स्वतंत्र विचार
सम्पूर्ण विश्व विभिन्न समस्याओ से जूझ रहा है व भारत उन राष्ट्रो से भिन्न नहीं है। लेकिन देश वर्तमान मे जिन विभिन्न-विशिष्ट समस्याओ का सामना कर रहा है वे विभिन्न समस्याएं ही त्वरित विकास में आड़े आ रही है। इसके मुख्य कारण जो परिलक्षित हो रहे है वे मुख्य रूप से नैतिक मूल्यों का अवमूल्यन, ईमानदारी ...
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Apr 24, 2012
| Author: चैतन्य शर्मा
| Source: चैतन्य का कोना
आजकल मुझे ट्रांसफॉर्मर टॉय खूब अच्छे लग रहे हैं । ट्रांसफॉर्मरस की मूवीज भी देख रहा हूँ । कई सारे ट्रांसफॉर्मरस मेरे टॉय बॉक्स का हिस्सा बन गए हैं । उनके साथ खेलने में बड़ा मज़ा आ रहा है । बड़े कमाल के हैं ट्रांसफॉर्मर टॉयस .....कभी कार बन जाते हैं कभी फाइटर्स । बम्बल बी मेरा ट्रांसफॉर्मर फेव ...
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Apr 22, 2012
| Author: चैतन्य शर्मा
| Source: चैतन्य का कोना
आज वर्ल्ड अर्थ डे है, धरती माँ को बचाने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने का दिन । हम सब अपनी छोटी-छोटी कोशिशों से प्रकृति माँ को सहेजने में योगदान दे सकते हैं । पानी बचाना , पेड़ लगाना, गन्दगी न फैलाना , पशु-पक्षियों की रक्षा जैसे काम करके हम अपनी भूमिका निभा सकते हैं ।
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Apr 18, 2012
| Author: Minakshi Pant
| Source: दुनिया रंग रंगीली
कौन जाने , कब , कहाँ वो राह भूल जाएँ |
अपनी उमीदों की शमां को जलाये रखिये |
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Apr 18, 2012
| Author: स्वतंत्र विचार
| Source: . . . . . .. शेर-सायरी
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Apr 17, 2012
| Author: डॉ॰ मोनिका शर्मा
| Source: परवाज़.....शब्दों के पंख
जयपुर में हाल ही मे हुई एक घटना में माँ की डांट से व्यथित होकर दस साल के भाई और आठ साल की बहन ने घर छोड़ दिया। दोनों मासूम बिना सोचे समझे घर से निकल पड़े । यह सुखद रहा कि पुलिस इन्हें वापस घर ला पाई लेकिन ऐसा हर उस बच्चे के साथ नहीं हो पाता जो जाने-अनजाने ऐसा कदम उठा लेता है। पुलिस के पूछने पर ...
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Apr 16, 2012
| Author: डॉ॰ मोनिका शर्मा
| Source: परवाज़.....शब्दों के पंख
उसने यूँ अचानक आकर
मायके का दरवाज़ा खटखटाकर
सबको हैरान कर दिया
चिंतित , चकित अपने
बड़े विस्मित हुए
आँखों में कुछ प्रश्न लिए
उसे ताकने लगे और
अन्न-जल की जगह
परोस दिए अनगिनत सवाल
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Apr 14, 2012
| Author: Minakshi Pant
| Source: दुनिया रंग रंगीली
आज फिर तुम्हे सपने में देखा मैंने ...
इस बार भी तुम्हे छुने की ख्वाइश सी हुई |
आज फिर बहुत मुश्किल से खुद को रोका |
इस बीच हवस के सिवा कुछ भी नहीं |
कभी मिलो जिस्म से अलग कही मुझे |
जहाँ न तुम और न ही मैं रहूँ ...
एक दूजे के अहसास का सिर्फ जल तरंग बजे |
ये इजहारे और इकरारे वफा अच्छा होगा ...
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Apr 13, 2012
| Author: Nishant
| Source: मुझे मेरी किडनी वापस दो!
किसी महिला पत्रकार को यह पता चला कि एक बहुत वृद्ध यहूदी सज्जन लंबे समय से येरुशलम की पश्चिमी दीवार पर रोज़ाना बिलानागा प्रार्थना करते आ रहे हैं तो उसने उनसे मिलने का तय किया. वह येरुशलम की पश्चिमी प्रार्थना … Continue reading →
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Apr 12, 2012
| Author: Rajeeva Khandelwal
| Source: आंदोलन
भारत देश अचंभित-विचंभित कर देने वाली घटनाओं का एक अभूतपूर्व देश है। कुछ घटनाएं, प्रक्रिया, क्रियाएं या कार्य ऐसे घटित होते हैं, जो प्रथम दृष्टया नामुमकिन से दिखते हैं फिर भी उनका घटित होना सिर्फ हमारे देश में ही सम्भव होता है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है यह बतानें की आवश्यकता नहीं ...
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Apr 12, 2012
| Author: Rajeeva Khandelwal
| Source: स्वतंत्र विचार
राजीव खण्डेलवाल
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Apr 10, 2012
| Author: चैतन्य शर्मा
| Source: चैतन्य का कोना
हाल ही में एक मॉल में घूम रहा था कि वहां मिले एक अंजान अंकलजी में कुछ ही मिनिट में मेरा यह कार्टून बना दिया । मुझे बड़ा अच्छा लगा ।
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Apr 10, 2012
| Author: Nishant
| Source: मुझे मेरी किडनी वापस दो!
एक कवि किसी प्रसिद्द और सफल मूर्तिकार से मिलने गया. उसकी कला वाटिका में उपस्थित शिल्प की सराहना करते हुए उसने मूर्तिकार से पूछा, “आपकी अद्वितीय कला का रहस्य क्या है?वह कौन सा दर्शन है जो आपको ये अनूठे शिल्प … Continue reading →
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Apr 3, 2012
| Author: Nishant
| Source: मुझे मेरी किडनी वापस दो!
मरू-प्रदेश की भूमि में बहुत कम फल उपजते थे. अतः ईश्वर ने अपने पैगंबर को पृथ्वी पर यह नियम पहुंचाने के लिए कहा, “प्रत्येक व्यक्ति दिन में केवल एक ही फल खाए”. लोगों में मसीहा की बात मानी और दिन … Continue reading →
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